शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1,092 अंक टूटा

नई दिल्ली : सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में आखिरी घंटे में अचानक आई तेज बिकवाली ने निवेशकों को झटका दे दिया। बीएसई सेंसेक्स 1,092 अंक यानी 1.44 फीसदी टूटकर 74,775.74 अंक पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 359.40 अंक यानी 1.5 फीसदी गिरकर 23,547.75 अंक पर आ गया।

बाजार में यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और संघर्षविराम को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच देखने को मिली। दोनों देशों के बीच 60 दिन के संघर्षविराम पर सहमति बनने की खबरें आईं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से अभी तक औपचारिक मंजूरी नहीं मिलने से निवेशकों में चिंता बनी रही।

तेज गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 466 लाख करोड़ रुपये रह गया। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है।

सेंसेक्स के 26 शेयर लाल निशान में

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव पावरग्रिड के शेयर में देखा गया, जिसमें करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में भी कमजोरी रही। वहीं दूसरी ओर टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन

ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। वहीं रियल्टी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड करीब 93.79 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता रहा।

इस बीच ईरान की सेना की ओर से संदिग्ध ठिकानों पर मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आई हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि ईरान ने कुवैत की दिशा में मिसाइल दागी और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ड्रोन गतिविधियां बढ़ाई हैं। इन घटनाओं ने वैश्विक बाजारों में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

उत्तराखंड में सीमा पर्यटन को बढ़ावा देगा नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन

Fri May 29 , 2026
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की दुर्गम नीती घाटी में 31 मई एवं 01 जून को आयोजित होने वाला नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन भारत में तेजी से विकसित हो रहे एडवेंचर पर्यटन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर भारतीय सेना के […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!