ऑपरेशन प्रहार : डीजीपी दीपम सेठ ने की हाईलेवल समीक्षा, एक माह में 1400 से अधिक अपराधी गिरफ्तार, आतंकी नेटवर्क और साइबर ठगी पर भी कड़ा प्रहार

  • अपराधियों और आसामाजिक तत्वों के विरुद्ध जारी रहेगा अभियान
  • प्रदेश भर में 1,400 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
  • 40,000 से अधिक सत्यापन से संदिग्धों पर कड़ी निगरानी
  • 15,000 वाहनों के चालान और 2,000 वाहन सीज- कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही
  • आतंकी नेटवर्क, अवैध हथियार, बांग्लादेशी घुसपैठ, साइबर ठगी एवं नशा तस्करी के विरुद्ध बहुआयामी कार्यवाही

देहरादून : पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल एवं कुमाऊँ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों तथा सभी जनपदों, एसटीएफ एवं जीआरपी के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विगत एक माह से संचालित राज्यव्यापी विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” की विस्तृत समीक्षा की गई।

ऑपरेशन प्रहार के अन्तर्गत की गयी प्रभावी और व्यापक कार्यवाही- :

अपराधियों पर निर्णायक प्रहार : अभियान के अन्तर्गत 1,400 से अधिक वांछित, फरार, इनामी एवं पेशेवर अपराधियों की गिरफ्तारी की गयी है। संगठित अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 अभियुक्तों को गिरफ्तार एवं गुण्डा एक्ट के अंतर्गत 130 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गयी है।

अवैध हथियारों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए राज्यभर से 66 अवैध शस्त्र बरामद कर सम्बन्धित के विरुद्ध आर्म्स एक्ट में अभियोग पंजीकृत करते हुए सप्लाई चेन पर कार्यवाही की जा रही है।

आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध गिरफ्तार : ऊधमसिंहनगर पुलिस द्वारा अभियुक्त हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को भारी मात्रा में अवैध असलाह एवं कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके तार आतंकी संगठन “अल बदर” से जुड़े प्रकरण से पाए गए। वहीं, एसटीएफ ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बरक ब्रिगेड” के संपर्क में रहे अभियुक्त विक्रांत कश्यप को देहरादून से अवैध पिस्टल एवं कारतूसों सहित गिरफ्तार किया।

बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्यवाही : राज्य में विभिन्न स्थानों पर फर्जी पहचान एवं दस्तावेजों के साथ अवैध रूप से निवासरत 3 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।

असामाजिक तत्वों पर शिकंजा : सार्वजनिक स्थलों पर कानून-व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों एवं शांति भंग करने वाले 4000 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही की गई।

यातायात एवं सड़क सुरक्षा अभियान : रैश ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइविंग, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग एवं संदिग्ध वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाकर पर 15,000 से अधिक वाहनों के चालान, 900 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार एवं 2,000 से अधिक वाहन सीज की कार्यवाही अमल में लायी गयी।

होटल, बार, पब एवं ढाबों की सघन जांच : अभियान के अन्तर्गत 18000 से अधिक बार, पब, क्लब, स्पा, होटल एवं ढ़ाबों इत्यादि की चेकिंग गयी एवं नियमों के उल्लंघन करने वाले 1200 से अधिक व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गयी।

व्यापक सत्यापन अभियान : किराये के मकान, मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल, धर्मशाला एवं आश्रमों आदि में बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के दौरान 40,000 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी।

चारधाम यात्रा साइबर सुरक्षा : चारधाम यात्रा में यात्रियों को साइबर ठगी से सुरक्षित करने के क्रम में लगभग 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक को ब्लॉक एवं 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को बंद कराया गया, जिनके द्वारा यात्रा रजिस्ट्रेशन, हेली टिकट, होटल बुकिंग आदि के नाम पर यात्रियों से ठगी का प्रयास किया जा रहा था। इसके साथ ही संगठित रूप से धोखाधड़ी करने वाले गैर राज्य के 147 लिंक ऑपरेटरों एवं 27 फर्जी मोबाइल धारकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए सतर्क, सक्रिय और प्रतिबद्ध है। अपराधियों की धरपकड़, सघन चेकिंग, व्यापक सत्यापन अभियान और संगठित अपराध पर कठोर कार्यवाही आगे और अधिक तीव्रता, प्रभावशीलता और दृढ़ता के साथ ऑपरेशन प्रहार के रूप में निरंतर जारी रहेगी।

बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक पी एंड एम/कार्मिक विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक साइबर नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, धीरेन्द्र गुंज्याल पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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