बदरीनाथ में फेस्टिवल को लेकर भ्रामक पोस्ट से बचें, तथ्यों की पुष्टि के बाद ही करें साझा – प्रशासन

  • ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट पर जिला प्रशासन ने किया स्पष्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का चयन सेना ने किया था

गोपेश्वर/बदरीनाथ। श्री बदरीनाथ धाम में आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं तथ्यहीन पोस्ट के बीच जिला प्रशासन ने जनसामान्य से बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी सूचना के आधार पर धारणा नहीं बनाने और पोस्ट साझा नहीं करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आने वाली किसी भी सूचना को आगे प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि की जाए और भ्रामक एवं तथ्यहीन प्रचार-प्रसार से बचा जाए। प्रशासन ने साथ ही स्पष्ट किया कि महोत्सव में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं उनके स्वरूप का चयन और निर्धारण भारतीय सेना की ओर से किया गया था।

सेना के अनुरोध पर लगाए गए थे जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉल

प्रशासन के अनुसार भारतीय सेना के अनुरोध पर आयोजन स्थल पर जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न जनोपयोगी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे। इनके माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। वहीं सेना की ओर से सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन कर लोगों को उनके संबंध में जानकारी दी गई।

‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थी महोत्सव की थीम

भारतीय सेना की ओर से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बदरीनाथ धाम स्थित टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ का आयोजन किया गया। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रही। आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय परंपराओं एवं प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना था।

बामणी-माणा की लोक संस्कृति को भी मिला मंच

महोत्सव में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित सीमांत गांवों बामणी और माणा की लोक संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं स्थानीय परंपराओं को दर्शाती सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उनके स्वरूप का चयन एवं निर्धारण सेना द्वारा किया गया था।

धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आयोजन की सलाह

जिला प्रशासन ने बताया कि सेना के स्थानीय अधिकारियों को श्री बदरीनाथ धाम की धार्मिक आस्था, पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व तथा स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुरूप ही आयोजन कराने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से धाम की धार्मिक गरिमा और स्थानीय परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुझाव दिए गए हैं।

सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतने की अपील

जिला प्रशासन ने दोहराया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी सूचना को तथ्यहीन रूप से आगे बढ़ाने से बचना चाहिए। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी पोस्ट अथवा सूचना को साझा करने से पहले उसके तथ्य जांचें और अपुष्ट सामग्री के आधार पर किसी प्रकार की धारणा न बनाएं।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

ड्रग फ्री उत्तराखंड : एएनटीएफ ने तोड़ा नशा तस्करों के नेटवर्क; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम ला रही रंग, स्कूल कालेजों में भी चल रहा है विशेष जागरूकता अभियान

Fri Sep 25 , 2026
  देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण की मुहिम अब जन आंदोलन बन चुकी है। एएनटीएफ उत्तराखण्ड सहित विभिन्न राज्यों तक फैले नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में सफल रही है, वहीं विशेष जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों से […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!