पेपर लीक और बेरोजगारी पर फाउंडेशन ने उठाई आवाज

देहरादून/ऋषिकेश। देश की बात फाउंडेशन ने देशभर में बढ़ रहे पेपर लीक मामलों, परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देहरादून के  जिलाधिकारी और ऋषिकेश के तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन भेजा। 

संगठन ने ज्ञापन में कहा कि नीट, एसएससी, सीबीएसई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। वर्षों की मेहनत के बावजूद युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली नहीं मिल पा रही है, जिससे उनमें निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

फाउंडेशन ने मांग की कि पेपर लीक और परीक्षा घोटालों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। संगठन का कहना है कि बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी के कारण युवाओं का भविष्य संकट में है।

ज्ञापन में राष्ट्रीय रोजगार नीति लागू करने, यूपीएससी की तर्ज पर समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी करने, केंद्र एवं राज्य सरकारों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने, संविदा प्रथा और अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाने तथा छात्रों को परीक्षा शुल्क में राहत और निःशुल्क यात्रा सुविधा देने की मांग की गई।

संगठन ने पेपर लीक प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की। फाउंडेशन का कहना है कि देश का युवा वर्ग राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।

देश की बात फाउंडेशन ने केंद्र सरकार से युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए रोजगार और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

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